गर्मी बढ़ती जा रही थी.. जून
का महीना जान लेने पर तुला था.. पर सोफिया के लिए तो हर मौसम एक जैसा था.. गर्मी ज्यादा.. तो एसी की कूलिंग
बढ़ाकर डबल बेड के एसी की तरफ वाले किनारे पर ही सोती थी सोफिया.. दोनों बहनों में इस बात की लड़ाई
न हो इसीलिए एक एग्रीमेंट साइन किया गया.. जिसके मुताबिक जो पहले खाना खत्म कर बिस्तर पर लेट जाएगा..
फिर वो ही उस रात वहां सोएगा.. अब इस चक्कर में शुरुआत में तो कई बार भूखा ही सोना पड़ा.. सोफिया
अपनी बहन शबाना से बड़ी जरूर थी.. पर इस मामले में कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं..
भई गर्मी इत्ती है.. साला इसमें
भी बड़प्पन दिखाने लगेंगे.. तो फिर जी लिए..
मां के 'बड़ी हो' वाले मुहावरे पर सोफिया की तरफ
से करारा जवाब था ये..
सोने के मामले में सोफिया को
किसी तरह की कोई कमी बर्दाश्त नहीं थी.. आराम से.. एसी में..और जब तक मन चाहे सोना.. इसीलिए उसकी
छोटी बहन उसे स्लीपिंग ब्यूटी कहती थी..
सोकर उठते ही सोफिया की सबसे
पहली जरूरत थी उसका फोन.. औऱ फोन अनलॉक होते ही अपने एन्ड्रायड पर वो सीधे फेसबुक वाले
ऐपलिकेशन को खोलकर नोटिफिकेशन चेक करती... न्यूज अब केंद्रित होकर पर्सनल हो गई है.. फेसबुक का न्यूज
फीड सोफिया के लिए किसी नामी चैनल या अखबार से कम थोड़े ही था..
बीटेक के फाइनल ईय़र की
स्टूडेंट सोफिया के मुताबिक खबर उसी की रखनी चाहिए जिसकी जरूरी हो.. औऱ सोफिया के लिए उसके वर्चुअल फ्रेंडल सबसे ज्यादा जरूरी थे.. हर दिन की तरह सोफिया ने उस दिन
भी अपना फोन उठाया औऱ उसपर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट
देखी.. फ्रेंड रिक्वेस्ट मध्य प्रदेश से एक स्मार्ट से लड़के की थी.. सोफिया ने
रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने से पहले जरूरी चेक
किए.. उसकी टाइमलाइन देखी.. और फिर रहने दो सोचकर छोड़ दी..
एक के बाद एक हर दिन उस
लड़के के मेसेज आने लगे औऱ सोफिया ने एक दिन सतीश की फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ही ली.. सतीश के प्रोफाइल के मुताबिक वो एक बिजनेसमैन था.. ग्रैजुएट सतीश उसके
रोमन हिंदी में चैट करता. और धीरे-धीरे दोनों की
दोस्ती बढ़ती गई.. फिर एक दिन सतीश ने सोफिया से उसका फोन नंबर मांगा.. कुछ दिन ना-नुकुर करने के बाद सोफिया
ने ये भी कर दिया.. और फिर दिन में दो तीन बार बात होने से शुरू हुआ सिलसिला घंटों
बातें करने में तब्दील हो गया..
सतीश और सोफिया को एक दूसरे
से बात करना अच्छा लगने लगा.. अब सोफिया सोने के लिए झगड़े नहीं करती थी.. क्योंकि
उसे फोन पर बात करनी होती.. सुबह देर से उठने वाली सोफिया को सतीश सुबह 8 बजे फोन
कर उठा देता था.. थोड़ा कूं-कां करने के बाद सोफिया उठ ही जाती.. प्यार जो ना कराए..
सोफिया को सुबह उठते ही किसी से बात करना पसंद नहीं था.. लेकिन सतीश की आवाज उसे
बेहद पसंद थी..
सोफिया की मां ने उससे रात
देर तक फोन पर बात करने की वजह पूछकर डांट दिया.. और बस उसके बाद अगले ही दिन से
सोफिया के रिश्ते की बात की जाने लगी..
अब सुबह उठते ही सोफिया ने
सतीश को फोन लगाया औऱ उसे अपने घर का हाल बताया.. सतीश ने तपाक से सोफिया से शादी
की बात कह डाली... सोफिया को तो जैसे इसी बात का ही इंतजार था.. दोनों ने मिलने की
जगह तय कर ली..सोफिया ने अपने मां-बाप को बताए बगैर टिकट बुक की.. और फ्लाइट से
पहुंच गई इंदौर.. दोनों मिले और वहां से सतीश उसे अपने घर ले गया..
सतीश का घर 2 कमरों का था..
जिसमें एक कमरे में उसके माता-पिता और वो सोते थे और दूसरे कमरे में दो
कुर्सियां-टेबल और एक टीवी रखा था.. सोफिया ने सतीश के माता पिता के पैर छुए..
सोफिया को लेकर आंगन में बैठे सतीश ने सोफिया से कहा, अभी तक तुम मेरे बारे में
पूरी सच्चाई नहीं जानतीं.. तुम्हे पता है मैं क्या करता हूं..
सोफिया ने फेसबुक की अपनी
तहकीकात के मुताबिक तपाक से कहा बिजनेस
सतीश ने कहा हां.. और वो
बिजनेस है.. सब्जी की रेहड़ी.. मैं बाजार में रेहड़ी पर सब्जी लगाता हूं.. खाने
लायक पैसे कमा लेता हूं.. और ग्रैजुएट हूं.. बस लेकिन इससे ज्यादा नहीं..
सोफिया कुछ देर चुपचाप बैठी
उसे देखती रही.. फिर बोली.. इतना बहुत है.. और क्या चाहिए..
अभी दोनों बात ही कर रहे थे
कि पुलिस आंगन में आ पहुंची.. सोफिया के पिता ने उसके किडनैप की एफआईआर दर्ज कराई
थी... पुलिस सोफिया औऱ सतीश को थाने ले गई औऱ सोफिया के पिता को इत्तला दे दी गई..
सोफिया के पिता अगली ही
फ्लाइट से इंदौर पहुच गए.. थाने पहुंचते ही उन्होने सोफिया के कान के नीचे दो
थप्पड रसीद कर दिए.. पुलिसवाला बोलता ही रह गया कि लड़की बालिग है अपनी मर्जी से
आई है.. सोफिया के होंठ से खून निकल रहा था.. अपने दुपट्टे से पोंछ कर सोफिया चुपचाप सुबकने लगी..
बिरादरी में
नाक कटा दी है इसने.. एक तो लड़का अपने मजहब का नहीं औऱ उसपर कम से कम खाना-कमाना
तो देख लिया होता..इससे अच्छा है कि तू पैदा ही न हुई होती.. सोफिया के पिता ने कहा
सतीश चुपचाप खड़ा सब देख रहा था.. उसने नमस्ते की..
तो सोफिया के पिता ने उसे ऐसे इग्नोर कर दिया जैसे सतीश वहां हो ही ना..
सोफिया ने अपने पिता के सामने हाथ जोड़े और कहा कि
मैं इसी के साथ शादी करना चाहती हूं.. और अब यहीं रहूंगी..
(अपनी लाडली बेटी के मुंह से ये सुनकर उनकी आंखों
में आंसू आ गए)
इतना सुनते ही, सोफिया के पिताजी ने पुलिसवाले की
तरफ देखा.. पुलिसवाले ने बालिग होने वाली बात दोहरा कर.. अपनी नाराजगी जताई..
सोफिया के पिता कुर्सी से खड़े हुए औऱ उसकी तरफ देखकर बोले.. मर गई तू..जो मन हो
वो कर.. औऱ चले गए..
बस तब से आज तक.. सोफिया औऱ सतीश साथ रह रहे हैं.. प्यार है भई.. और सब
तो आ ही जाएगा..
Aage ki kahani bhi batayein...shaadi hui ki nahin..yaa fir ladki ne cheat tog nahi kar diya "sabji bechne wala" sunkar? Kahin usko satish se behtar life partner toh nahin mil gaya ? ��
ReplyDeleteशादी कर ली दोनों ने.. लड़की थोड़ी अलग टाइप की निकली..
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